घोड़े की नाल और तंत्र प्रयोग
घोड़े की नाल और तंत्र प्रयोग
क्रियाओं में अनेक वस्तुओं का प्रयोग किया जाता है। काले घोड़े की नाल भी उन्हीं
में से एक है। ऐसा मानते हैं कि तंत्र प्रयोग में यदि काले घोड़े की नाल का प्रयोग
किया जाए तो असंभव कार्य भी असंभव हो जाता है। तंत्र शास्त्र के अनुसार वैसे तो
किसी भी घोड़े की नाल बहुत प्रभावशाली होती है लेकिन यदि काले घोड़े के अगले
दाहिने पांव की पुरानी नाल हो तो यह कई गुना अधिक प्रभावशाली हो जाती है। इसके कुछ
प्रयोग इस प्रकार हैं–
बांध दिया हो तो दुकान के मुख्य द्वार की चौखट पर नाल को अंग्रेजी के यू अक्षर के
आकार में लगा दें। आपकी दुकान में ग्राहकों की संख्या बढऩे लगेगी और परिस्थितियां
अनुकूल हो जाएंगी।
उन्नति नहीं हो रही हो या किसी ने तंत्र क्रिया की हो तो घर के मुख्य द्वार पर नाल
को अंग्रेजी के यू अक्षर के आकार में लगा दें। कुछ ही दिनों में नाल के प्रभाव से
सबकुछ ठीक हो जाएगा।
में अड़चन आ रही हो तो शनिवार के दिन काले घोड़े की नाल को विधिपूर्वक दाहिने हाथ
की मध्यमा अंगुली में धारण कर लें। आपके बिगड़े काम बन जाएंगे और साथ ही धन लाभ भी
होगा।
से निर्मित किया जाता है। कभी–कभी
इसे आधुनिक सिंथेटिक साम्रगी से भी बनाया जाता है। इसे घोड़े की खुर की रक्षा करने
के लिए लगाया जाता है। अलबत्ता घोड़े की नाल का उपयोग महज इतना ही नहीं है। लोहे
से बनी यह सामान्य सी वस्तु बेहद चमत्कारी है। इसे स्थापित करने से बीमारी और
दुर्भाग्य दूर रहता है। माना यह भी जाता है कि घोड़े की नाल जादू–टोने व बुरी नजर से भी रक्षा करती है।
तत्वों में से एक अहम तत्व माना जाता है। घोड़े को भी भाग्यशाली जानवर माना गया
है। यही वजह है कि घोड़े की नाल वास्तु गैजेट के रूप में अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
कारण इसे चन्द्र देव का प्रतीक भी माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि घोड़े की नाल
को स्थापित करने से चन्द्रमा मजबूत होता है। फलस्वरूप घर में बेहतर स्वास्थ्य, शांति और खुशहाली का माहौल बनता है। दिलचस्प
तथ्य यह है कि घोड़े की नाल को एक गैजेट के रूप में विदेशों में भी लोकप्रियता
प्राप्त है। घोड़े की नाल को मुख्य प्रवेश द्वार पर अथवा लिविंग रूम के प्रवेश
द्वार पर ऊपर व बाहर की ओर लगाना चाहिए।
दुष्प्रभाव रोकती है घोड़े की नाल


