Category: Spiritual Products
  • षोडशी [त्रिपुरसुन्दरी ]यन्त्र

    धारण करें षोडशी यन्त्र और रहें सुखी- संपन्न 
    ============================
               षोडशी [त्रिपुरसुन्दरी ]दश महाविद्या में से एक प्रमुख महाविद्या है और श्री कुल की अधिष्ठात्री हैं ,इनकी साधना से धर्म-अर्थ-काम और मोक्ष चारो पुरुषार्थो की प्राप्ति होती है ,ऐसा कुछ भी नहीं जो ये देने में सक्षम नहीं ,ब्रह्मा-विष्णु-रूद्र और यम चारो इनके अधीन हैं ,ये अन्य साधनाओ में भी पूर्णता देने में समर्थ हैं |दुःख-दैन्य-किसी प्रकार की न्यूनता ,अभाव ,पीड़ा ,बाधा सभी को एक ही बार में समाप्त करने में सक्षम हैं ,इनकी साधना से कायाकल्प भी होता है ,यह सौंदर्य ,पुरुषत्व,हिम्मत, साहस ,बल ,ओज ,भी देती हैं |
               षोडशी यन्त्र भगवती त्रिपुरसुंदरी [श्री विद्या ] का यन्त्र है ,जिसमे उनका अपने परिवार देवताओं के साथ वास होता है ,यह यन्त्र विशिष्ट मुहूर्त में और श्री विद्या साधक द्वारा ही निर्मित होता है ,तत्पश्चात प्राण प्रतिष्ठा ,मंत्र जप और हवन से इसे उर्जिकृत किया जाता है ,,यन्त्र धारण से शारीरिक  उर्जा ,धन-संमृद्धि-संपत्ति ,साधन सम्पन्नता ,हिम्मत, साहस, बल, ओज, पौरुष, प्राप्त होता है , ,आय के नए स्रोत बनते है ,अकस्मात् धन प्राप्ति की सम्भावना बनती है, दुःख-दारिद्र्य .रोग-शोक, समाप्त होते हैं ,सुरक्षा प्राप्त होती हैं ,किसी प्रकार की अशुभता का शमन होता है ,सौभाग्य वृद्धि होती है ,ग्रह बाधा का शमन होता है ,रुकावटें दूर होती हैं ,विजय प्राप्त होती है ,यश-मान सम्मान-प्रतिष्ठा ,पुत्र पौत्रादि की उन्नति प्राप्त होती है ,कलह -कटुता का प्रभाव कम होकर खुशहाली प्राप्त होती है ,मानसिक शांति प्राप्त होती है |
    यदि आप पर या घर पर नकारात्मक उर्जाओं का प्रभाव है ,दुःख-दरिद्रता से ग्रस्त हैं ,बनते काम बिगड़ रहे हैं ,रोग-शोक-कलह बढ़ गए हों ,आर्थिक-व्यावसायिक समस्याएं उत्पन्न हों ,अनेकानेक समस्याएं घर-परिवार में उत्पन्न हों तो एक बार अवश्य किसी अच्छे साधक से भोजपत्र पर निर्मित षोडशी यन्त्र चांदी के कवच में धारण करें |आपकी सारी समस्याएं क्रमशः दूर होने लगेंगी |यह अनेक बार हमारे द्वारा अनुभूत और परीक्षित है |हमने अनेकों को विभिन्न समस्याओं में इसे धारण कराया है और अब तक शत-प्रतिशत सफलता मिली है |बिगड़े बच्चों को धारण कराने से उनमे सुधार आया है जो की परिवार के सम्मान को ठेस लगाकर गलत कार्य की और झुके थे ,व्यावसायिक उतार-चढ़ाव से ग्रस्त लोगों को धारण करने पर उनके कार्य-व्यवसाय में स्थिरता प्राप्त हुई है ,पारिवारिक समस्याओं में उत्तम परिणाम प्राप्त हुए हैं |प्रत्येक क्षेत्र में सफलता बढ़ी है |घर के कलह-तनाव को दूर करने में मदद मिली है ,आया के नए स्रोत बनाने अथवा परीक्षा-शिक्षा में सफलता बढ़ी है |अतः यह अनुभूत प्रयोग है |यह अगर श्री विद्या के सिद्ध साधक द्वारा स्वयं बनाया जाता है और षोडशी मंत्र से अभिमंत्रित किया जाता है तो इससे अद्भुत परिणाम मिलते हैं |आश्चर्यजनक रूप से स्थितियां नियंत्रण में आती हैं और लाभ प्राप्त होते हैं जीवन के हर क्षेत्र में |..,………………………………………………हर-हर महादेव 

    READ MORE: षोडशी [त्रिपुरसुन्दरी ]यन्त्र
  • बगलामुखी यन्त्र /कवच

    महाशक्तिशाली बगलामुखी यन्त्र /कवच
    ==========================
    सार्वभौम उन्नति ,लाभप्रद ऊर्जा प्रवाह और नकारात्मकता ,भूत -प्रेत के शमन हेतु
    —————————————————————————
             भगवती बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक प्रमुख महाविद्या और शक्ति हैं ,जिन्हें ब्रह्मास्त्र विद्या या शक्ति भी कहा जाता है |यह परम तेजोमय शक्ति है जिनकी शक्ति का मूल सूत्र -प्राण सूत्र है |प्राण सूत्र ,प्रत्येक प्राणी में सुप्त अवस्था में होता है जो इनकी साधना से चैतन्य होता है ,इसकी चैतन्यता से समस्त षट्कर्म भी सिद्ध हो सकते है ,,बगलामुखी को सिद्ध विद्या भी कहा जाता है ,मूलतः यह स्तम्भन की देवी है पर समस्त षट्कर्म इनके द्वारा सिद्ध होते है और अंततः यह मोक्ष प्रदान करने में सक्षम है 
    ,ताबीज आदि में एक बृहद उर्जा विज्ञानं काम करता है ,जो ब्रह्मांडीय उर्जा संरचना ,क्रिया ,तरंगों ,उनसे निर्मित भौतिक इकाइयों की उर्जा संरचना का विज्ञानं है ,,,इस उर्जा संरचना को ही तंत्र कहा जाता है |इसकी तकनीक प्रकृति की स्वाभाविक तकनीक है ,,,यही तकनीक तंत्र ,योग ,सिद्धि ,साधना में प्रयुक्त की जाती है ,-ताबीज में प्राणी के शारीर और प्रकृति की उर्जा संरचना ही कार्य करती है ,,इनका मुख्या आधार मानसिक शक्ति का केंद्रीकरण और भावना होता है ,,,,प्रकृति में उपस्थित वनस्पतियों और जन्तुओ में एक उर्जा परिपथ कार्य करता है ,मृत्यु के बाद भी इनमे तरंगे कार्य करती है ,,,,इनमे विभिन्न तरंगे स्वीकार की जाती है और निष्कासित की जाती है |जब किसी वास्तु या पदार्थ पर मानसिक शक्ति और भावना को केंद्रीकृत करके विशिष्ट क्रिया की जाती है तो उस पदार्थ से तरंगों का उत्सर्जन होने लगता है ,,,,जिस भावना से उनका प्रयोग जिसके लिए किया जाता है ,वह इच्छित स्थान पर वैसा कार्य करने लगता है,,ताबीज बनाने वाला जब अपने ईष्ट में सचमुच डूबता है तो वह अपने ईष्ट के अनुसार भाव को प्राप्त होता है ,,भाव गहन है तो मानसिक शक्ति एकाग्र होती है ,जिससे वह शक्तिशाली होती है ,यह शक्तिशाली हुई तो उसके उर्जा परिपथ का आंतरिक तंत्र शक्तिशाली होता है और शक्तिशाली तरंगे उत्सर्जित करता है |ऐसा व्यक्ति यदि किसी विशेष समय,ऋतूमॉस में विशेष तरीके से ,विशेष पदार्थो को लेकर अपनी मानसिक शक्ति और मन्त्र से उसे सिद्ध करता है तो वह ताबीज धारक व्यक्ति को उस  भाव की तरंगों से लिप्त कर देता है |यह समस्त क्रिया शारीर के उर्जा चक्र को प्रभावित करती है और तदनुसार व्यक्ति को उनका प्रभाव दिखाई देता है ,साथ ही इनका प्रभाव आस पास के वातावरण पर भी पड़ता है क्योकि तरंगों का उत्सर्जन आसपास भी प्रभावित करता है |
              बगलामुखी यन्त्र माता बगलामुखी का निवास माना जाता है जिसमे वह अपने अंग विद्याओ ,शक्तियों ,देवों के साथ निवास करती है ,अतः यन्त्र के साथ इन सबका जुड़ाव और सानिध्य प्राप्त होता है ,,यन्त्र के अनेक उपयोग है ,यह धातु अथवा भोजपत्र पर बना हो सकता है ,पूजन में धातु के यन्त्र का ही अधिकतर उपयोग होता है ,पर सिद्ध व्यक्ति से प्राप्त भोजपत्र पर निर्मित यन्त्र बेहद प्रभावकारी होता है ,,धारण हेतु भोजपत्र के यन्त्र को धातु के खोल में बंदकर उपयोग करते है ,,जब व्यक्ति स्वयं साधना करने में सक्षम  हो तो यन्त्र धारण मात्र से उसे समस्त लाभ प्राप्त हो सकते है ,|
    यन्त्र /कवच धारण से लाभ
    ———————————..
    . बगलामुखी की कृपा से व्यक्ति की सार्वभौम उन्नति होती है |,
    . शत्रु पराजित होते है ,सर्वत्र विजय मिलती है |
    . ,मुकदमो में विजय मिलती है ,वाद विवाद में सफलता मिलती है |
    . अधिकारी वर्ग की अनुकूलता प्राप्त होती है ,|
    . विरोधी की वाणी ,गति का स्तम्भन होता है |,
    . शत्रु की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है ,उसका स्वयं विनाश होने लगता है |,,
    . ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है ,|हर कार्य और स्थान पर सफलता बढ़ जाती है |
    . व्यक्ति के आभामंडल में परिवर्तन होने से लोग आकर्षित होते है |,
    . प्रभावशालिता बढ़ जाती है ,वायव्य बाधाओं से सुरक्षा होती है |,
    १०. तांत्रिक क्रियाओं के प्रभाव समाप्त हो जाते है ,सम्मान प्राप्त होता है ,|
    ११. ,परीक्षा ,प्रतियोगिता आदि में सफलता बढ़ जाती है |,
    १२. भूतप्रेतवायव्य बाधा की शक्ति क्षीण होती है क्योकि इसमें से निकलने वाली सकारात्मक तरंगे उनके नकारात्मक ऊर्जा का ह्रास करते हैं और उन्हें कष्ट होता है |,
    १३. मांगलिक और उग्र देवी होने से नकारात्मक शक्तियां इनसे दूर भागती हैं |
    १४. मांगलिक ,पारिवारिक कार्यों में आ रही रुकावट दूर होती है |
    १५. धारक पर से किसी भी तरह के नकारात्मक दोष दूर होते हैं |
    १६. शरीर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवाह बढने से आत्मबल और कार्यशीलता में वृद्धि होती है |
    १७. आलस्य ,प्रमाद का ह्रास होता है |व्यक्ति की सोच में परिवतन आता है ,उत्साह में वृद्धि होती है |
    १८. किसी भी व्यक्ति के सामने जाने पर सामने वाला प्रभावित हो बात मानता है और उसका विरोध क्षीण होता है |,
    १९. घर -परिवार में स्थित नकारात्मक ऊर्जा की शक्ति क्षीण होती है |
    २०. नौकरी ,व्यवसाय ,कार्य में स्थायित्व प्राप्त होता है |
    यह समस्त प्रभाव यन्त्र धारण से भी प्राप्त होते है और साधना से भी ,साधना से व्यक्ति में स्वयं यह शक्ति उत्पन्न होती है |,यन्त्र धारण से यन्त्र के कारण यह उत्पन्न होता है |,यन्त्र में उसे बनाने वाले साधक का मानसिक बल ,उसकी शक्ति से अवतरित और प्रतिष्ठित भगवती की पारलौकिक शक्ति होती है जो वह सम्पूर्ण प्रभाव प्रदान करती है जो साधना में प्राप्त होती है |,अतः आज के समय में यह साधना अथवा यन्त्र धारण बेहद उपयोगी है |………..……………………………………………हरहर महादेव  
    READ MORE: बगलामुखी यन्त्र /कवच
  • बगलामुखी यन्त्र और विशेषता

    बगलामुखी यन्त्र
    ===========
    भगवती बगलामुखी दस महाविद्याओ में से एक प्रमुख महाविद्या और शक्ति है ,जिन्हें ब्रह्मास्त्र विद्या या शक्ति भी कहा जाता है ,यह परम तेजोमय शक्ति है जिनकी शक्ति का मूलसूत्र ,प्राण सूत्र है ,,प्राण सूत्र प्रत्येक प्राणी में सुप्त अवस्था में होता है जो इनकी साधना से चैतन्य होता है ,इसकी चैतन्यता से समस्त षट्कर्म भी सिद्ध हो सकते है ,,बगलामुखी को सिद्ध विद्या भी कहा जाता है ,मूलतः यह स्तम्भन की देवी है पर समस्त षट्कर्म इनके द्वारा सिद्ध होते है और अंततः यह मोक्ष प्रदान करने में सक्षम है …
    बगलामुखी यन्त्र माता बगलामुखी का निवास माना जाता है जिसमे वह अपने अंग विद्याओ ,शक्तियों ,देवों के साथ निवास करती है ,अतः यन्त्र के साथ इन सबका जुड़ाव और सानिध्य प्राप्त होता है ,,यन्त्र के अनेक उपयोग है ,यह धातु अथवा भोजपत्र पर बना हो सकता है ,पूजन में धातु के यन्त्र का ही अधिकतर उपयोग होता है ,पर सिद्ध व्यक्ति से प्राप्त भोजपत्र पर निर्मित यन्त्र बेहद प्रभावकारी होता है ,,धारण हेतु भोजपत्र के यन्त्र को धातु के खोल में बंदकर उपयोग करते है ,,जब व्यक्ति स्वयं साधना करने में सक्षम न हो तो यन्त्र धारण मात्र से उसे समस्त लाभ प्राप्त हो सकते है ,..


    बगलामुखी की कृपा से व्यक्ति की सार्वभौम उन्नति होती है ,शत्रु पराजित होते है ,सर्वत्र विजय मिलती है ,मुकदमो में विजय मिलती है ,अधिकारी वर्ग की अनुकूलता प्राप्त होती है ,विरोधी की वाणी ,गति का स्तम्भन होता है ,शत्रु की बुद्धि भ्रस्त हो जाती है ,उसका विनाश होने लगता है ,,ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है ,व्यक्ति के आभामंडल में परिवर्तन होने से लोग आकर्षित होते है ,प्रभावशालिता बढ़ जाती है ,वायव्य बाधाओं से सुरक्षा होती है ,तांत्रिक क्रियाओं के प्रभाव समाप्त हो जाते है ,सम्मान प्राप्त होता है ,वाद-विवाद में सफलता मिलती है ,प्रतियोगिता आदि में सफलता बढ़ जाती है ,,यह समस्त प्रभाव यन्त्र धारण से भी प्राप्त होते है और साधना से भी ,साधना से व्यक्ति में स्वयं यह शक्ति उत्पन्न होती है ,यन्त्र धारण से यन्त्र के कारण यह उत्पन्न होता है ,अतः आज के समय में यह साधना अथवा यन्त्र धारण बेहद उपयोगी है … जो लोग शत्रु-विरोधी से परेशान है ,अधिकारी वर्ग से परेशान है ,वायवीय बाधाओं से परेशान हो ,नवग्रह पीड़ा से पीड़ित हो ,,जिनके कार्य क्षेत्र में वार्तालाप -वाद-विवाद आदि अधिक आती हो जैसे अधिवक्ता ,प्रतियोगी परीक्षाओं के इच्छुक लोग ,शास्त्रार्थ ,प्रवचन ,ज्योतिष ,सेल्स ,दलाली आदि से सम्बंधित लोग ,बार-बार रोगादि से परेशान हो ,असाध्य और लंबी बीमारी से पीड़ित हो ,आय के स्रोतों में उतार-चढ़ाव से परेशान हो ,,उन्हें बगलामुखी देवी की साधना -आराधना-पूजा करनी चाहिए अथवा सिद्ध साधक सेबनवाकर बगलामुखी यंत्र [ताबीज] धारण करना चाहिए …………………………हर-हर महादेव 
    READ MORE: बगलामुखी यन्त्र और विशेषता
  • महालक्ष्मी सर्वतोभद्र यन्त्र

    ::::::::::::::महालक्ष्मी सर्वतोभद्र यन्त्र ::::::::::::::::
    =================================


    यन्त्र रचना वर्ष में केवल एक बार दीवाली की रात्री में की जाती है ,इसे भोजपत्र पर अनार की कलम से अष्टगंध की स्याही से लिखा जाता है ,पश्चात पीले आसन पर प्रतिष्ठित कर पूजन-जप के बाद गुगुल का धुप और गुगुल से ही हवंन किया जाता है ,,इस यन्त्र के प्रभाव से यश-सम्मान-संपदा-सफलता सभी कुछ प्राप्त होता है ,दैवी कृपा से व्यक्ति सदैव संमृद्ध और सुखमय जीवन व्यतीत करता है ………………………………………हर-हर महादेव
    READ MORE: महालक्ष्मी सर्वतोभद्र यन्त्र
  • शनि दोष निवारक कवच

    ::::::::::::::::शनि दोष निवारक कवच ::::::::::::::::
    =================================
    इस दुनिया में प्रत्येक पांच में से एक व्यक्ति शनि के दुष्प्रभावों अथवा कुप्रभावों से अत्यधिक परेशान है |शनि की पनौती ,ढईया ,अथवा साढ़ेसाती अक्सर सुनाई देते रहते हैं |इनके अतिरिक्त अक्सर महादशा ,अन्तर्दशा अथवा प्रत्यांतार्दशा अलग से परेशान करती रहती है |यही कारण है की शनि को कुंडली में सबसे कष्टकारक गृह माना जाता है ,यद्यपि यह कभी शुभ भी होता है किन्तु अधिकतर कष्ट ही पाते हैं |इसके दुष्प्रभावों का प्रभाव इसके मित्रों राहू- केतु को और भी खतरनाक बना देता है जिन्हें इससे बल मिल जाता है |अर्थात एक शनि अनेक कष्टों का कारण बन जाता है |इसके दुष्प्रभाव के कारण सभी कार्यों में बाधा ,शत्रुओं से परेशानी ,मुकदमो -विवादों में पराजय ,आर्थिक एवं शारीरिक कष्ट ,मानसिक क्लेश ,हड्डियों जोड़ों की समस्या ,पुत्रों- संतानों से कष्ट ,कलह ,आर्थिक तंगी ,कर्ज ,वायव्य बाधा ,बंधू -मित्र -नौकर -कर्मचारी -मजदूर वर्ग से समस्या उत्पन्न होती है |यह व्यक्ति को कंगाल और असहाय बना देता है ,व्यक्ति चाहकर भी कुछ नहीं कर पाता |


    शनि की शान्ति के हजारों उपाय वैदिक और तांत्रिक ग्रंथों में मिलते हैं |कुछ बड़े और अत्यंत कठिन हैं तो कुछ सामान्य के लिए दुरूह |tantra वास्तव में चमत्कारिक लाभ पहुचाता है अगर वास्तव में व्यक्ति जानकार है और उसे इससे सम्बंधित यंत्रों ,वनस्पतियों ,मन्त्रों ,की अच्छी जानकारी हो |विभिन्न वनस्पतियों ,यंत्रों ,मन्त्रों ,और तांत्रिक विधियों के संयोग से ऐसे प्रभावी कवच निर्मित किये जा सकते हैं जो उग्र शनि को शांत और अशुभ को शुभ कर दें | ऐसे में यदि शनि शान्ति के अचूक उपाय के रूप में तंत्रोक्त विधि से निर्मित “शनी दोष निवारक कवच “को अपने गले में धारण किया जाए तो चमत्कारिक लाभ देखने में आता है |शनी की ढईया ,साढ़ेसाती ,पनौती ,दशा-अन्तर्दशा एवं जन्मकुंडली में शनी के दुष्प्रभाव के नाश हेतु और जीवन में सफलताओं ,भौतिक सुखों की प्राप्ति के लिए कवच लाभदायक होता है ,क्योकि शनी को यदि शांत और प्रसन्न रखा जाए तो महाअशुभकारक ग्रह शुभद हो सकता है |इतना तो अवश्य होता है की इसके दुष्प्रभावों में कमी आते ही अन्य ग्रह जो इससे बल पा रहे अशुभता में उनके प्रभाव में परिवर्तन हो जाता है |शुभ ग्रहों के प्रभाव बढ़ जाते हैं और परिवर्तन दिखने लगता है |इस कवच को स्त्री अथवा पुरुष कोई भी धारण कर मनोवांछित लाभ प्राप्त कर सकता है |इस कवच में अनेक शनि से सम्बंधित वनस्पतियों ,उसे प्रभावित करने वाली वनस्पतियों ,मन्त्रों ,यंत्रों ,पदार्थों का विशेष संयोग होता है जो शनी को शांत कर देता है ,उसके प्रभावों की दिशा बदल देता है |उसके अशुभ प्रकार की प्रकृति लाभदायक में बदलती है |फलतः व्यक्ति की स्थिति में परिवर्तन आ जाता है |यह बड़े बड़े अनुष्ठान और बड़े खर्चों से भी बचाता है |……………………………………………………………………..हर-हर महादेव

    READ MORE: शनि दोष निवारक कवच
  • गणपति कवच

    शीघ्र पासपोर्ट बनवाने हेतु /गृह सौख्य वर्धन हेतु गणपति कवच
    ==============================


    वर्त्तमान दौर में अथक परिश्रम के उपरांत भी अपने देश में उचित मात्रा में धन प्राप्ति संभव नहीं है |आम आदमी दिन रात मेहनत करके भी पेट भरने लायक ही धन कम सकता है |लेकिन जीवन की अन्यानेक आवश्यकताओं की पूर्ती के लिए प्रचुर मात्रा में धन की आवश्यकता पड़ती है और इतना प्रचुर धन तो सिर्फ विदेश जाकर नौकरी अथवा रोजगार करने पर ही संभव हो सकता है |लेकिन भारत से बाहर किसी भी देश में जाने के लिए उस व्यक्ति के पास पासपोर्ट होना परम आवश्यक है ,किन्तु कानूनी कार्यवाही एवं पेचीदगी के चलते शीघ्रता और आसानी पासपोर्ट नहीं बन सकता है |हमारे विशेषज्ञों ने tantra शास्त्रों के गहन अध्ययन से ऐसे दिव्या अलौकिक कवच ” गणपति कवच “का निर्माण किया है |इस कवच में परम पूज्य गणेश जी की अद्भुत शक्तियां और आशीर्वाद होता है जो की शीघ्र पासपोर्ट बनने में सहायता कर सकता है |
    भगवान गणपति महा मंगल कारी देवता हैं जिनके कवच धारण से मांगलिक अवसरों में आ रही बाधाये समाप्त होती हैं ,गृह सौख्य ,आपसी मधुरता में वृद्धि परिवार में होती है |कलह कम होता है और मतभेद समाप्त होते हैं |एकाग्रता ,शान्ति की वृद्धि होती है और सुरक्षा प्राप्त होती है |उन्नति में आ रही रुकावटें कम होती हैं और भाग्य का पूरा मिलने की संभावना बढ़ जाती है |उपरोक्त सभी कारणों हेतु भी गणपति कवच लाभकारी है |
    READ MORE: गणपति कवच
  • महादेव कवच और यक्ष कवच

    वीजा में शीघ्रता हेतु महादेव कवच और वीजा के इंटरव्यू में सफलता हेतु यक्ष कवच
    =========================================================
    विदेश जाने के लिए एक ओर जहाँ पासपोर्ट का होना आवश्यक है ,वहीँ दूसरी ओर किसी भी देश में जाने के लिए पासपोर्ट के अतिरिक्त उस देश का वीजा लेना भी परम आवश्यक है |बिना वीजा के उस देश की यात्रा असंभव है |वीजा मिलना एक अत्यंत कठिन कार्य है और प्रायः काफी देर से और मुश्किलों से ही वीजा मिलता है |इस समस्या के शीघ्र समाधान के रूप में विशिष्ट तंत्रोक्त विधि से निर्मित ” महादेव कवच ” को यदि धारण कर लिया जाए तो शीघ्र वीजा मिलने की संभावनाएं उत्पन्न हो जाती हैं |


    विदेश जाने हेतु प्रथम सीढ़ी के रूप में पासपोर्ट तैयार करना आवश्यक है |किन्तु पूर्ण प्रक्रिया उस देश का का वीजा मिलने पर ही संपन्न होती है और उस देश का वीजा मिलना सहज संभव नहीं होता |वीजा प्राप्ति के लिए उस देश के दूतावास में इंटरव्यू होता है और प्रायः इंटरव्यू में असफलता भी मिलती है |इस इंटरव्यू में सफलता प्राप्ति हेतु हमने दिव्या चमत्कारी ” यक्ष कवच ” का निर्माण किया है जिसे धारण करके आप इंटरव्यू में सफलता प्राप्त करके विदेश जाने का वीजा आसानी से प्राप्त कर सकते हैं |…………………………………………….हर हर महादेव 
    READ MORE: महादेव कवच और यक्ष कवच
  • जुआ /सट्टा /लाटरी /शेयर/कमोडिटी में सफलता हेतु कवच


    शेयर/कमोडिटी में सफलता हेतु कवच

    यह सत्य है की आज के समय में अधिकतर लोगों को उनके भाग्य में लिखे अवसर ,भाग्य के सुख ,सफलता नहीं मिलती |ज्योतिषी बताते हैं की इस समय यह होगा किन्तु वह अधिकतर मामलों में लाभ वाली स्थितियों के लिए गलत हो जाता है जबकि हानि वाली स्थितियों में सही होता है |ऐसा क्यों |क्योंकि गलत ज्योतिषी नहीं होता ,वह बिलकुल सही बताता है किन्तु आपके यहाँ अवरोधक होते हैं जो उस भाग्य को आपको मिलने नहीं देते ,यह नकारात्मक उर्जाओं का प्रभाव होता है जो उन लाभदायक अवसरों में न्यूनता ला देते हैं जबकि हानि कारक अवसरों में कमी नहीं लाते क्योकि हानि खुद नकारात्मकता से ही होती है |फलतः अधिकतर को उनके भाग्य के भी लाभदायक अवसर नहीं मिलते और अंततः वह ज्योतिष और भगवान् को ही कोसते हैं |यह ध्यान देना चाहिए की वर्षों से खानदान-परिवार-खुद के कर्मों से उत्पन्न नकारात्मकता अथवा किसी के द्वारा किये गए नकारात्मक प्रक्षेपण से आपके कर्म और सोच प्रभावित हो जाते हैं जिससे आपमें खुद ऐसी कमियां उत्पन्न हो जाती हैं जो आपके भाग्य में अवरोध उत्पन्न कर देते हैं |यह हमारे २५ सालों के अनुभव का निष्कर्ष है |
    यही हाल होता है जब आपकी कुंडली कहती है की आपको आकस्मिक लाभ के अवसर मिलने चाहिए ,आपको शेयर/ सट्टा /लाटरी /कमोडिटी आदि में लाभ मिलना चाहिए |आप उस आधार पर कभी कोशिश भी करते हैं किन्तु आपको लाभ नहीं मिलता |आपके भाग्य में लिखा होने पर भी आपको हानि होती है |यह नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव से होता है |इसको दृष्टिगत रखते हुए हमने समस्या विशेष के लिए tantra ग्रंथों के अन्वेषण से इनके काट निकाले हैं और कवच निर्मित किये हैं |यह आपके भाग्य को नहीं बदलेंगे यह भी सत्य है ,क्योकि कुछ हजार रु. के कवच से वर्षों /सदियों के कर्म नहीं बदले जा सकते फलतः भाग्य भी नहीं बदले जा सकते |हाँ आप और आसपास उपस्थित नकारात्मक ऊर्जा को हटाकर इनसे आपके भाग्य में लिखा पूरा दिलाया जा सकता है |अगर आपके भाग्य में आकस्मिक लाभ के अवसर हैं तो इनसे उनके प्राप्ति की संभावना निश्चित बढ़ जाती है |

    मनुष्य को अपने जीवन में सभी आवश्यक कर्मो को संपादित करने के अतिरिक्त आत्मिक सुख प्राप्ति के लिए अपने निजी शौक भी पूरे करने ही पड़ते हैं |इनमे से भी मुख्यतः ” द्यूत अथवा जुआ ” एक ऐसा शौक है जो की परम्परागत रूप से युगों -युगों से चला आ रहा है |आधुनिक युग में जुआ ,रेस ,सट्टा ,लाटरी ,मटका ,कैसिनो के रूप में प्रचलित है |कुछ लोग शेयर -कमोडिटी में भी जुड़े होते हैं यह भी भाग्यवादी आकस्मिक लाभ कर्म ही है |इन सब में विजय के लिए सभी मनुष्य प्रयासरत रहते हैं किन्तु भाग्यशाली लोग ही इनमे विजयी अथवा सफल होते हैं ,अधिकतर तो इनसे नुकसान ही उठाते हैं |ऐसे में जुआ ,सट्टा ,लाटरी ,मटका ,रेस ,शेयर ,कमोडिटी में सफलता और विजय प्राप्ति के लिए भी पूर्व से ही लोगों ने तांत्रिकों की शरण ली थी और tantra में इसके लिए भी खोज हुए |विशेष तांत्रिक विशियों से शुभ लग्न में निर्मित विजय कवच को धारण करने से उपरोक मामलों में अभूतपूर्व रूप से परिणाम में अंतर आता है और सफलता बढती है |क्योकि पूर्व के तांत्रिकों और ऋषियों को भी इन नकारात्मक प्रभावों की जानकारी थी और उन्होंने गहन शोध किये इन पर |अतः यह यन्त्र और कवच सम्बंधित क्षेत्र में लाभ देते हैं |……………………………………………………………….हर-हर महादेव 
    READ MORE: जुआ /सट्टा /लाटरी /शेयर/कमोडिटी में सफलता हेतु कवच
  • तंत्र /अभिचार रक्षा कवच [ताबीज ]

    तंत्र / अभिचार रक्षा कवच
    ==================
    मनुष्य के स्वभाव के कुछ गुण दूसरों को कष्ट देते हैं ,जैसे ईर्ष्या ,द्वेष ,दुश्मनी ,टांग खीचने की आदत आदि मनुष्यगत दुर्गुण हैं |यह गुण या दुर्गुण बहुतों में पाए जाते हैं |लोग अपनी क्षमता से आगे बढने की बजाय दूसरों की टांग खींचते हैं जिससे उसकी वृद्धि रोक सकें ,कारण लोग लोग खुद के दुखों से कम दुखी और दुसरे के सुखों से अधिक दुखी होते हैं |भले वह बेचारा परेशान ही खुद क्यों न हो |दुश्मनी में तो लोग दुसरे का नुकसान करते ही हैं ,ईर्ष्या ,जलन ,द्वेष में अधिक नुक्सान करते हैं |खुद सामने आने से बचने के लिए ऐसे लोग अक्सर tantra और टोटकों का भी सहारा लिया करते हैं और अभिचार और टोटके करते रहते हैं |ऐसे में बहुत से लोग जिन्होंने किसी का कुछ बिगाड़ा भी नहीं और खुद की मेहनत से जीवन यापन कर रहे हैं इनसे पीड़ित हो जाते हैं |कभी -कभी, कोई -कोई लोग तांत्रिक क्रियाओं के चपेट में बेवजह भी आ जाते हैं ,जैसे मार्ग में की हुई क्रिया पर ध्यान नहीं दिया और वह साथ लग गई |अँधेरे ,सुनसान ,दोपहर आदि में कोई क्रिया साथ हो ली आदि आदि |इन क्रियाओं /अभिचारों के कारण व्यक्ति की मानसिक /आर्थिक / पारिवारिक स्थितियों में कष्ट आ जाते हैं और वह समझ भी नहीं पाता|गृह कुछ कहते हैं और उसके साथ होता कुछ है |इन्हें tantra द्वारा ही हटाया जा सकता है |सामान्य उपायों का इन पर कोई प्रभाव नहीं होता |


     अक्सर हमारे यहाँ इस तरह की शिकायतें आती हैं और विश्लेषण पर हम उपरोक्त समस्या पाते हैं |इन्ही कारणों से हमने इनसे बचने के तरीके के रूप में सुरक्षा कवच निर्मित किये |यदि आप किसी भी प्रकार की भूत -प्रेतादि , उपरी बाधा के शिकार हैं अथवा किसी शत्रु ने दुर्भावनावश आपके ऊपर तांत्रिक अभिचार कर्म अथवा तंत्र प्रयोग या टोना -टोटका करवा दिया है और आप लाख प्रयत्नों के बाद भी उन तांत्रिक दुष्कर्मों से छुटकारा नहीं पा सके हों तो आप हमारे केंद्र के तंत्र विशेषज्ञों द्वारा वर्षों की साधना और दिव्य शक्तियों के संयोग से सिद्धिकाल में विशेष रूप से निर्मित ” तंत्र रक्षा कवच “को मंगवाकर सदैव के लिए अपने गले में धारण करके वांछित लाभ प्राप्त कर सकते हैं |इस दिव्य कवच पर किसी भी प्रकार का जादू -टोना असर नहीं डाल सकता है |ऐसा देखा गया है क्योंकि यह कवच महाविद्याओं की शक्तियों से संपन्न होते हैं जो इस ब्रह्माण्ड की सर्वोच्च शक्तियां हैं |जीवन में समस्त उपरी बाधाओं से रक्षा हेतु सदैव के लिए इस प्रचंड शक्तिशाली कवच को अपने गले में धारण अवश्य ही करना चाहिए |इससे आप अभिचार /टोन- टोटके /tantra /वायव्य बाधा से सुरक्षित रहेंगे और नकारात्मक ऊर्जा से आपका बचाव होगा |…………………………………………………………….हर-हर महादेव 
    READ MORE: तंत्र /अभिचार रक्षा कवच [ताबीज ]
  • विदेश यात्रा कवच

    :::::::::::::विदेश यात्रा कवच ::::::::::::::
    =========================
    आज के समय में पाश्चात्य देशों का आकर्षण युवाओं में बहुत अधिक बढ़ा है ,यद्यपि यह पहले से है और इसके कारण भी हैं |पाश्चात्य देश भौतिकता की दृष्टि से अधिक विकसित हैं और आज का युवा भौतिकता ही चाहता है ,उसे अपने कल्पना की दुनिया पाश्चात्य देशों में दिखती है |उच्च शिक्षा प्राप्ति ,उन्नत तकनिकी ज्ञान वहां अधिक हैं भी ,धन भी वहां अधिक है अतः उच्च शिक्षा प्राप्ति हेतु ,नौकरी करने अथवा रोजगार प्राप्ति हेतु ,उद्योग धंधों एवं व्यवसाय वृद्धि हेतु ,उन्नत तकनिकी जानकारी हेतु अथवा अपनी उच्च महत्वाकान्क्षाओं की पूर्ती और अधिक धन कमाने हेतु भारत से कहीं ज्यादा अवसर पाश्चात्य देशों में मिलते हैं |यही कारण है की आज का युवा शिक्षा के दौरान ही विदेश जाने का सपना देखने लगता है |महत्वाकांक्षी युवा वर्ग विदेश जाने हेतु लालायित एवं निरंतर प्रयासरत रहता है |किन्तु भाग्य में सबको विदेश यात्रा तो लिखी नहीं होती |
    जन्मपत्री में सभी मनुष्यों के लिए विदेश यात्रा योग बन पाना संभव नहीं होता |विदेश यात्रा योग होने पर भी अधिकतर विदेश नहीं जा पाते |इसका कारण होता है अनेकानेक बाधाएं ,जैसे पारिवारिक बाधाएं ,पित्र दोष ,कुल देवता-देवी दोष ,अभिचार कर्म ,ग्रह दोष ,नकारात्मक उर्जाओं का प्रभाव आदि आदि |यह विदेश योग होने पर भी ऐसी स्थितियां उत्पन्न करते हैं की वीजा ही नहीं बन पाता या पासपोर्ट ही नहीं बन पाता या घर में समस्या उत्पन्न हो जाती है या आर्थिक समस्या आ जाती है या अन्य कोई समस्या आती रहती है जिससे प्रयास असफल हो जाते हैं |जिनके योग बहुत प्रबल हों और समय पर बाधाएं प्रभावित न कर पायें या इतने प्रबल योग हों की हर बाधा का शमन हो जाए वाही जा पाता है अपने लक्ष्य के अनुसार |
    भारतीय प्राचीन तंत्र विज्ञान अत्यधिक विकसित और वैज्ञानिक रहा है |इसमें हर प्रकार की समस्याओं का समाधान है |इसमें प्रकृति की शक्तियों से बाधाओं का निराकरण कर लक्ष्य प्राप्ति में सहायता कराई जाती है |उपरोक्त समस्या के लिए भी तंत्र में अनेक गोपनीय ,शीघ्र और तीब्र प्रभावी उपाय हैं [यद्यपि यह मूल रूप से भिन्न उद्देश्यों के लिए बनाये गए थे ,किन्तु आधुनिक काल में इनका प्रयोग करके इस बाधा का निराकरण किया जाता है ]|उन्ही गोपनीय सूत्रों के आधार पर सिद्धिकाल के शुभ मुहूर्त में विशिष्ट तांत्रिक विधियों से विदेश यात्रा कवच का निर्माण किया जाता है |इस दिव्या कवच को अपने गले में धारण करके विदेश यात्रा योग को प्रबल किया जा सकता है |विदेश यात्रा में आ रही रुकावटें कम की जा सकती हैं |………………………………………………………….हर-हर महादेव

    READ MORE: विदेश यात्रा कवच